मिशन हैप्पी हरदा के अंतर्गत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच पारस्परिक संवाद और बेहतर समन्वय स्थापित करने हेतु रिस्पॉन्स टाइम विषय पर एक बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में शिक्षकों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा कर उन्हें रिस्पॉन्स टाइम के महत्व, विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान, समयबद्ध मार्गदर्शन तथा सकारात्मक संवाद की आवश्यकता के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुख बनाना था, जिससे शैक्षणिक वातावरण में विश्वास को बढ़ावा मिल सके।इस बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम जनों को यह समझाना था कि प्रश्नों और परिस्थितियों में सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना क्यों आवश्यक है। जल्दबाजी में दी गई प्रतिक्रिया कई बार गलत उत्तर, गलतफहमी और तनाव का कारण बनती है, जबकि सोचकर दी गई प्रतिक्रिया सही निर्णय, आत्मविश्वास और सम्मान दिलाती है।
शिक्षक कक्षा में सुरक्षित और सहज वातावरण बनाएं, बच्चों की समस्याओं को समझें और उन्हें सही दिशा दें। शिक्षकों को अपनी बॉडी लैंग्वेज, व्यवहार, स्माइली फेस और आई-कॉन्टेक्ट पर ध्यान देना चाहिए ताकि बच्चे सहज और आत्मविश्वासी महसूस करें। हल्की-फुल्की बातचीत, खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया जा सकता है।
बच्चों को यह भी समझाना चाहिए कि दूसरों से सीखना अच्छा है, लेकिन केवल नकल करना सही नहीं। समाज और विद्यार्थियों दोनों को यह सीख दी जाए कि बोलने से पहले यह सोचें कि उनकी बात सामने वाले को कैसे लगेगी।